Tuesday, 24 July 2012


हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंत से टोपिक की खोज कर रहें है 
,
बीमारी , बेचारी , या लाचारी 
,
मुरझाती जवानी ,छीनता बचपन 
,
corruption , comission या competition 
,
पर इस्पे अब और क्या लिखेंगे
,
पढने वाले भी हम पर ही हस्सेंगे
,
नहीं
.
हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर
रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंट से टोपिक
की खोज कर रहें है ,

उमीदों ,उन्मादों या frustation के किस्से ,

मंदिर की घंटी , या मस्जिद के हिस्से ,

अच्छे तो हैं ,

पर इसमें अपनी intellectuality कैसे भागारेंगे ,

साल दर साल जो
किताबें
रटी
हैं ,

उनका
झोल
कैसे
उबालेंगे

नहीं

हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंट से टोपिक की खोज कर रहें है ,

लालू के आलू की बातें ,

या हाथी पे बैठे नवयुगी राजे महाराजे ,

त्रिशूल
पे
उगे
कमल
की
गाथा
या
,

बिन बुलाये
युवराज
की
माता
,

यार इनमे अब वो बात नहीं है ,

इस बासी कढ़ी में ,

हम जैसे social scientiston के लायक

औकात नहीं है ,

नहीं

हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर
रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंट से टोपिक की खोज कर रहें है ,

शहर की मेट्रो ,

या तेरे गाँव का रेट्रो ,

भारत का बुढ़ापा या

इंडिया का बचपन

उठती इमारतें या

या गिरते इंसान ,

बुद्ध के आँगन में दौड़ी फेर्रारी ,

या सुखिया की कीचड में फँसी बैलगाड़ी ,

पर क्या इससे कुछ काम बनेगा ,

हमारी लेखनी से क्या ये फर्क मिटेगा ,

छोडो यार थोडा vague, gernalized सा टोपिक है ,

हम specialiston से नहीं नापेगा ,

नहीं

हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंट से टोपिक की खोज कर रहें है ,

कोला की घुलती चीनी ,या

तेल पर फिस्सली देशों की रणनीति ,

चाचा sam की दादागिरी ,

या नॉर्थ में जन्मी साउथ की आज़ादी के नयी नीति

हुम्म ,ठीक हैं पर इनमे Relevancy का आभाव है ,

क्या इनसे हम पे पड़ता सहीं में कोई प्रभाव है ,

हम तो पंचशील पे चलते हैं ,

थोडा right, थोडा left झांक कर middle पे ही टिकते हैं ,

बिन बात मुद्दों को क्यों उलझाएँ

सही का बेडा हम ही क्यों उठाएं

नहीं

हम नयी पीढ़ी के विज्ञानिक एक नया शोध कर रहें है ,

पेन की निब घिसने को किसी दिफ्फेरेंट से टोपिक की खोज कर रहें है 

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